हिग्स बोसोन की खोज के बारे में कैसे समझाया जाय?

हिग्स मॉडल की व्याख्या करते प्रोफ़ेसर पिटर हिग्स – इस तरह नहीं समझाना है 
जिसे देखो वही ‘गौड पार्टिकिल’ के बारे में बतिया रहा है- लेकिन कोई आप से पूछ ले कि इसको खोल के समझाइये, तो? यह इस पर निर्भर है कि वह भौतिकी का शुरुआती छात्र है या कोई धार्मिक कट्टरपंथी. चाहें तो मेरे तजुर्बे को आजमा के देखें.
सर्न लैब में हिग्स बोसोन की संभावित खोज जाहिरा तौर पार इस ब्रह्माण्ड के बारे में हमारी समझदारी को बढ़ानेवाली है, लेकिन एक आम आदमी को, किसी बच्चे को या किसी बेवकूफ को हिग्स बोसोन के बारे में किस तरह समझाया जाय? काफी कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आप किससे बात कर रहे हैं और वे क्या सुनना पसंद करते हैं. तो आजमाइए इस आसान नुस्खे को, जिसमें कुछ चुनिन्दा ब्योरे भी दिए गए हैं-
जिस शख्स पर आप अपना रोब जमाना चाहते हैं-
“हिग्स बोसोन आँखों से नहीं दिखनेवाला एक मूलभूत कण है जिसे पहली बार 1962 में इस बात की स्वीकृति मिली कि यह एक ऐसी क्रियाविधि का संभावित उपउत्पाद है जिसके जरिये एक कल्पित, सर्वब्यापी क्वांटम क्षेत्र- तथाकथित हिग्स क्षेत्र, प्राथमिक कणों को भार प्रदान करता है. और ठोस तरीके से कहा जाय तो कण भौतिकी के आदर्श मॉडल में, हिग्स बोसोन का अस्तित्व इस बात की व्याख्या करता है कि प्रकृति में विद्युत-दुर्बल समरूपता का स्वतः विखंडन कैसे होता है.”
परेशानहाल माँ-बाप के लिए जिन्हें नींद न आती हो-
अगर मान लें कि पदार्थ के घटक अंश चिपचिपे चहरेवाले बच्चे हैं, तो हिग्स क्षेत्र किसी विशाल शौपिंग मॉल में बच्चों के खेलनेवाली जगह में बना गेंद का गड्ढा है. प्लास्टिक का हरएक रंगीन गेंद एक हिग्स बोसोन है- ये सारे मिलकर उस फिसलन के लिए रूकावट का काम करते हैं जो आप के बच्चे, यानी इलेक्ट्रोन को ब्रह्माण्ड की उस तलहटी में गिर जाने से रोकते हैं, जहाँ ढेर सारे सांप और चमड़ी में चुभनेवाली सुइयाँ हैं.
अंग्रेजी पढने वाले इंटर के छात्रों के लिए-
“हिग्स बोसोन (सही उच्चारण “बोट्सवेन”) एक प्रकार का उप-परमाणविक विराम चिन्ह है जिसका वजन अमूमन अर्ध-विराम और अल्प-विराम के बीच का होता है. इसके बिना ब्रह्माण्ड एक अर्थहीन बडबडाहट बन कर रह जायेगा- अगर आपने पढ़ी हो तो कुछ-कुछ दा विन्सी कोड जैसा.”
     
एक किशोर के लिए जो भौतिकी की शुरुआती कक्षा में पढता हो-
“नहीं, मुझे पता है कि यह परमाणु नहीं है. मैंने कब कहा था कि यह परमाणु है. बिलकुल, मेरा अभिप्राय कण से है. हाँ, मुझे पता है कि विद्युतचुम्बकत्व क्या होता है, बहुत बहुत धन्यवाद- एकीकृत बल, आइंस्टीन, बक बक बक, बेहिसाब भार, इत्यादि इत्यादि, क्वार्क, हिग्स बोसोन, अब बस. बहुत समय हो गया, और मैं थक भी गया. चैनल बदलो, कोई अच्छा सीरियल देखते हैं.”
टैक्स घटाओ आन्दोलन के सदस्यों के लिए-
“यह खोज एक विराट, अभूतपूर्व, लगभग असीम बर्बादी है पैसे की.”
मोटर गाड़ी की पिछली सीट पार बैठे एक बच्चे के लिए-
“यह एक कण है जिसे कुछ वैज्ञानिक ढूँढ रहे थे. क्योंकि उन्हें पता था कि इसके बिना ब्रह्माण्ड संभव नहीं होगा. क्योंकि इसके बिना, ब्रह्माण्ड के दूसरे कणों भर ही नहीं होगा. क्योंकि तब वे सभी कण फोटोन की तरह ही प्रकाश के वेग से चलते रहेंगे. क्योंकि मैंने कहा नहीं कि वे चलते रहेंगे, और अगर तुमने फिर पूछा कि ‘क्यों?’ तो हमलोग इन बातों के चक्कर में उस मिठाई की दुकान से फिर आगे निकल जायेंगे.”
धार्मिक कट्टरपंथियों के लिए-
“हिग्स बोसोन कुछ नहीं होता.”
(नोट- लेखक अगर भारत के हालात से वाकिफ होते तो इस में यहाँ के अखबारवालों, टीवी चैनलवालों, भारतीय संस्कृति के स्वघोषित रक्षकों, अतीत-व्याकुल – वेद-व्याकुल जनों के लिए भी कुछ  नुस्खे जरूर सुझाते.) 

(गार्जियन में प्रकाशित रचना का आभार सहित अनुवाद.)

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टिप्पणियाँ

  • Arvind Mishra  On जुलाई 22, 2012 at 3:12 पूर्वाह्न

    बढियां और विद्वतापूर्ण -प्रेमियों के लिए यह आलिंगन बद्ध गहरे चुम्बन का अर्थबोध लिए है -बस एक स्पेलिंग मिस्टेक है -हग -बोसान (बोसा उर्दू में चुम्बन है,बोसान उसका बहुबचन बोसां 🙂 )

  • मनोज पटेल  On जुलाई 22, 2012 at 4:28 पूर्वाह्न

    बढ़िया… 🙂

  • Digamber Ashu  On जुलाई 22, 2012 at 5:20 पूर्वाह्न

    This comment has been removed by the author.

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